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MP Board · Class 12 · Biology · Sexual Reproduction in Flowering PlantsDescribe the process of double fertilization unique to angiosperms, highlighting the roles of the male gametes.

Step-by-Step Solution

द्वि-निषेचन एक जटिल और विशिष्ट निषेचन तंत्र है जो विशेष रूप से आवृतबीजी पुष्पीय पौधों में पाया जाता है। जब एक परागकण एक संगत वर्तिकाग्र पर गिरता है, तो यह अंकुरित होकर एक पराग नली बनाता है जो बीजद्वार (micropyle) के माध्यम से भ्रूणकोष में प्रवेश करती है। पराग नली भ्रूणकोष के कोशिकाद्रव्य में दो नर युग्मक छोड़ती है। पहला नर युग्मक अंड कोशिका की ओर बढ़ता है और उसके केंद्रक के साथ संलयन करता है, इस प्रक्रिया को समयुग्मन या जनन निषेचन कहा जाता है, जिसके परिणामस्वरूप एक द्विगुणित युग्मकोद्भिद ($2n$) युग्मज बनता है, जो अंततः विकसित होकर भ्रूण बनाता है। दूसरा नर युग्मक केंद्रीय कोशिका की ओर बढ़ता है और वहां मौजूद दो ध्रुवीय केंद्रकों के साथ संलयन करता है, जिसे त्रिक संलयन कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप एक त्रिगुणित ($3n$) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) बनता है, जो पोषक भ्रूणपोष ऊतक के रूप में विकसित होता है। चूंकि समयुग्मन और त्रिक संलयन दोनों एक ही भ्रूणकोष के भीतर होते हैं, इसलिए इस घटना को द्वि-निषेचन कहा जाता है।

💡 Study Guide: This question tests core syllabus concepts from Sexual Reproduction in Flowering Plants. For formulas, key summaries, and mock exam reference guides, read the full Sexual Reproduction in Flowering Plants Revision Notes.
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